मेरी हसरतो में छुपी शायद ऐसी तस्वीर मैंने नहीं देखी थी आज तक
तभी तो जाकर ये अहसास हुआ करिश्मे भी होते है इस जहाँ में।
वो आकाश न जाने क्यूँ ऐसा लगा जैसे शामिल हो वो मुझमे ही
वो बुँदे आकर थम गयी यूँ कुछ इस तरह होठो में
जैसे आयी ही वो मेरे लिए.....
अब तो आँखे भर जाती है इस अहसास से ही
कोई जीतता भी है पाता भी है तुमसे ,कुछ मांगकर दुआ में।
तभी तो जाकर ये अहसास हुआ करिश्मे भी होते है इस जहाँ में।
वो आकाश न जाने क्यूँ ऐसा लगा जैसे शामिल हो वो मुझमे ही
वो बुँदे आकर थम गयी यूँ कुछ इस तरह होठो में
जैसे आयी ही वो मेरे लिए.....
अब तो आँखे भर जाती है इस अहसास से ही
कोई जीतता भी है पाता भी है तुमसे ,कुछ मांगकर दुआ में।

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